लोकायुक्त की विशेष अदालत ने भूमि पर कब्जे के एक और मामले में कर्नाटक के पूर्व मुख्यमंत्री बीएस येद्दयुरप्पा, उनके दो बेटों बीवाई राघवेंद्र, बीवाई विजयेंद्र के अलावा उनके दामाद सोहन कुमार को सम्मन जारी कर 29 अगस्त को पेश होने का आदेश दिया है। येद्दयुरप्पा के खिलाफ यह शिकायत दो वकील सृजन बाशा और केएन बलराज ने दायर की थी। वहीं पूर्व मुख्यमंत्री एचडी कुमारस्वामी और माइनिंग किंग जी जनार्दन रेड्डी पर भी कानूनी शिकंजा कसता जा रहा है। इन्हीं दोनों याचिकाकर्ताओं की शिकायत पर लोकायुक्त अदालत येद्दयुरप्पा और अन्य तीनों को सम्मन जारी कर 27 अगस्त को पेश होने का हुक्म दे चुकी है। येद्दयुरप्पा पर आरोप है कि उन्होंने गैरकानूनी तरीके से कृषि भूमि को गैर अधिसूचित कर उसे आवासीय परिसरों के तौर पर इस्तेमाल होने दिया। वहींकर्नाटक के एक और पूर्व मुख्यमंत्री एचडी कुमारस्वामी और उनकी पत्नी अनीता ने नियमों को ताक पर रखकर खनन कंपनी को लाइसेंस दिए जाने के मामले में अंतरिम जमानत पाने के लिए बुधवार को लोकायुक्त की अदालत का दरवाजा खटखटाया। गौरतलब है कि लोकायुक्त कोर्ट ने आठ अगस्त को समन जारी कर दोनों को 30 अगस्त को पेश होने को कहा है। उधर, संदूर की एक अदालत द्वारा पूर्व मंत्री जी जनार्दन रेड्डी को जारी 9 वारंट तामील न होने से खफा हाईकोर्ट ने सरकार को कड़ी फटकार लगाई। लेकिन गृहसचिव एसएम जामदार ने ठीकरा पुलिस पर फोड़ते हुए कहा कि इस मामले में दोषी कांस्टेबल, इंस्पेक्टर और डिप्टी एसपी स्तर के अधिकारियों के खिलाफ एक हफ्ते के भीतर कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने अदालत को जल्द ही वारंट तामील कराने का आश्वासन भी दिया।

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