Sunday, August 28, 2011

ड़कों पर अन्ना के समर्थकों का सैलाब

समाजसेवी अन्ना हजारे की भ्रष्टाचार विरोधी मुहिम वर्तमान में शबाब पर है। देश भर में अन्ना के जनलोकपाल विधेयक के समर्थन में विरोध-प्रदर्शन का दौर-दौरा गुरुवार को भी जारी रहा। उत्तर प्रदेश: अन्ना के समर्थन में राज्य में गुरुवार को भी जनसैलाब सड़कों पर उतरा। लखनऊ के झूलेलाल पार्क में स्कूली बच्चे, युवा, समाजसेवी, बुजुर्ग, अधिवक्ता व डॉक्टर सभी एक जुट दिखे। कोई कविताओं से लोगों के अंदर जोश भरता तो कोई केंद्र सरकार की नीतियों को बता कर उसे कठघरे में खड़ा करता। कोई लोगों के चेहरे पर तिरंगा बना रहा था तो कोई तख्तियों पर जोश भरे नारे लिखता नजर आया। वाराणसी में धरना-प्रदर्शन का दौर चलता रहा। शाम को तमाम जगहों से कैंडिल मार्च और मशाल जुलूस निकाले गए। चंदौली में आधा दर्जन इंटर कालेज के छात्र-छात्राओं ने जुलूस निकाला। भदोही, जौनपुर, मीरजापुर, सोनभद्र, कानपुर, कन्नौज, चित्रकूट, हरदोइ, औरैया एवं फतेहपुर में अन्ना के समर्थन में रैली और विरोध प्रदर्शन जारी रहे। पटना :अन्ना हजारे के समर्थन में गुरुवार को भी सूबे में आंदोलन जारी रहा। राजधानी के कारगिल चौक पर गुरवार को अपेक्षाकृत अधिक जुटान थी। पाटलिपुत्र कालोनी में जन-संवाद हुआ, जिसमें हर हाल में अन्ना के आंदोलन को मुकाम देने की बात तय हुई। शाम में स्थानीय मौर्यालोक से कैंडिल मार्च निकला, जो कारगिल चौक तक गया। उत्तर बिहार के विभिन्न जिला मुख्यालयों के अलावा देहाती क्षेत्रों में भी धरना-प्रदर्शन चलता रहा। केंद्र सरकार के बदलते रवैये से लोगों में गहरा आक्रोश है। भ्रष्टाचार के खिलाफ हर स्तर के लोग सड़कों पर दिखे।बेतिया,मोतिहारी, मधुबनी, दरभंगा , सीतामढ़ी, भागलपुर क्षेत्र का भी कमोबेश यही परिदृश्य रहा। सभी अपने-अपने हिसाब और अंदाज से धरना-प्रदर्शन में जुटे हैं। जयपुर: अन्ना हजारे के समर्थन में गुरुवार को भी प्रदेश के कोटा सहित कई शहर और कस्बे बंद रहे। जयपुर में युवाओं ने रैली निकाली और दौसा में एक युवक मोबाइल टॉवर पर चढ़ गया,जिसे बाद मे अधिकारियों ने काफी समझाइश के बाद नीचे उतारा। बाड़मेर में सामाजिक संगठनों से जुड़े लोगों ने सांसद बद्री जाखड़ के घर धरना दिया। असम: अन्ना के समर्थन में कंज्यूमर लीगल प्रोटेक्शन फोरम (सीएलपीएफ) ने संसद के दोनों सदनों के सभी सांसदों को गुरुवार को पत्र भेजा और उनसे भ्रष्टाचार के खिलाफ जारी आंदोलन का समर्थन करने की अपील की। असम से राज्यसभा के प्रतिनिधि प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को भी इस मंच की ओर से पत्र भेजे गए। गुजरात: नाशिक में अन्ना के समर्थन में विभिन्न सामाजिक संगठनों के बंद के आह्वान के तहत अधिकतर दुकानें बंद रहीं और वाणिज्यिक संस्थानों में काम नहीं हुआ। यहां गुरुवार को विभिन्न इलाकों में लोगों ने रैलियां निकालीं।


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