Thursday, August 25, 2011

द्रमुक ने चुनाव में फूंके 5000 करोड़ रुपये

तमिलनाडु में अन्नाद्रमुक सरकार ने पिछले तीन माह में 415 करोड़ रुपये की कीमत की भूमि उनके असली मालिकों को सौंपी है। सूबे की मुख्यमंत्री जे. जयललिता ने राज्य विधानसभा में यह जानकारी तब दी जब गृह मंत्रालय द्वारा आर्थिक मदद दिए जाने के मामले पर बहस हो रही थी। इसके अलावा उन्होंने एम. करुणानिधि के नेतृत्व वाली द्रमुक पार्टी पर विधानसभा चुनावों के दौरान 5000 करोड़ रुपये लुटा देने का भी आरोप लगाया। सरकार के सौ दिन पूरे करने के मौके पर बुधवार को उन्होंने कहा, द्रमुक दूसरों की तुलना में पूरी तरह धन शक्ति पर निर्भर थी। क्या आप जानते हैं कि चुनावों में उन्होंने कितने रुपये बहा दिए? पांच हजार करोड़ रुपये। चुनाव के दौरान धन की सत्ता पर अंकुश लगाने के लिए निर्वाचन आयोग द्वारा उठाए गए कड़े कदमों को याद करते हुए उन्होंने कहा कि 50 करोड़ रुपये कथित तौर पर जब्त भी किए गए थे। अपने सौ दिनों के कार्यकाल की उपलब्धि गिनाते हुए उन्होंने कहा कि जमीन हड़पने के बारे में 17 अगस्त 2011 तक कुल 8947 शिकायतें प्राप्त हुई थीं और इस मामले में अब तक 419 लोगों को हिरासत में लिया जा चुका है। इस बीच 415.48 करोड़ रुपये की भूमि को उनके वास्तविक मालिकों को सौंप जा चुका है। अन्नाद्रमुक सरकार ने द्रमुक शासनकाल में हुए जमीन हड़पने के मामलों को हल करने के लिए विशेष प्रकोष्ठ का गठन किया है। द्रमुक में सलेम का प्रतिनिधित्व करने वाले और पूर्व मंत्री वीरापांडी एस अरुमुगम, वर्तमान और पूर्व विधायक जे अनबाझागान और रंगानाथन और केंद्रीय मंत्री एमके अलागिरी के कुछ घनिष्ठ सहयोगियों को भूमि हड़पने के मामलों में गिरफ्तार किया जा चुका है। जयललिता ने कहा कि सरकार ने इस तरह के मामलों को हल करने के लिए विशेष फॉस्ट ट्रैक अदालतों के गठन का आदेश दिया था। जयललिता ने द्रमुक शासन के समय जारी राज्य का कैलेंडर भी बदल दिया है। अब आाधिकारिक तौर पर तमिलनाडु में नया वर्ष अप्रैल से शुरू होगा। उन्होंने हाल ही में बनकर तैयार हुई विधानसभा को भी अस्पताल में बदलने का फैसला लेकर एक और तगड़ा झटका दिया था।


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