वैसे तो पूरा मुल्क भ्रष्टाचार के खिलाफ मुहिम चला रहे गांधीवादी अन्ना हजारे के समर्थन में मुखर है, लेकिन उत्तर प्रदेश के चंदौली जिले के एक छोटे से गांव रेमा में अन्ना प्रेम एक अलग आयाम ले चुका है। स्थानीय ग्रामीणों ने अपने गांव का नाम बदल कर अन्ना गांव रखने तथा अपने नाम के आगे अन्ना जोड़ने का फैसला किया है। हजारे के प्रति समर्थन का आलम यह है कि अब गांव में हर व्यक्ति ने अपने नाम के आगे अन्ना जोड़ने का एलान किया है। साथ ही गांव में अब पैदा होने वाले हर च्च्चे के नाम के आगे भी अन्ना जोड़ा जाएगा। करीब 300 की आबादी वाले रेमा गांव के निवासी जय प्रकाश ने बताया कि गांव के निवासी हर व्यक्ति ने अपने नाम के साथ अन्ना जोड़ने का फैसला किया है ताकि हमें हमेशा यह याद रहे कि हम सबको लालच और भ्रष्टाचार से बचना है। अब मुझे खुद को जय प्रकाश के बजाय जय प्रकाश अन्ना कहलाना च्च्छा लगेगा। गांव के एक अन्य निवासी किशोरी लाल ने बताया कि हमने गांव के प्रवेश द्वार पर लिख दिया है कि भ्रष्टाचारियों का गांव में दाखिल होना मना है और गांव में रह रहे भ्रष्टाचारियों को यहां से जाना होगा।

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