नई दिल्ली दिल्ली पुलिस ने तीन साल पुराने वोट के बदले नोट कांड में बुधवार को अदालत में आधा दर्जन लोगों के खिलाफ आरोपपत्र दाखिल कर दिया। पुलिस ने 2008 में धन लेकर लोकसभा में अविश्वास प्रस्ताव के दौरान मनमोहन सरकार के पक्ष में मतदान करने के मामले में अप्रत्याशित रूप से कांग्रेस को क्लीन चिट दे दी और सारा ठीकरा सपा के निष्कासित नेता व राज्यसभा सांसद अमर सिंह पर यह कहते हुए फोड़ दिया कि कांड के प्रमुख साजिशकर्ता वे ही हैं। सिंह के अलावा जिन्हें आरोपित किया गया है, उनमें भाजपा नेता लालकृष्ण आडवाणी के निकट सहयोगी रहे सुधींद्र कुलकर्णी, पूर्व भाजपा सांसद फगन सिंह कुलस्ते, महावीर भगोरा, अमर सिंह के सहयोगी रहे संजीव सक्सेना और सुहैल हिन्दुस्तानी शामिल है। संजीव और सुहैल इन दिनों तिहाड़ जेल में बंद हैं। यह कार्रवाई केंद्र सरकार के लिए बड़ा झटका है, क्योंकि वह लोकपाल बिल पर बनी स्टैंडिंग कमेटी के सदस्य हैं। दिल्ली पुलिस की अपराध शाखा ने बुधवार को तीस हजारी कोर्ट की विशेष जज संगीता ढींगरा सहगल के समक्ष वोट के बदले नोट मामले में 80 पेज का आरोप पत्र पेश किया। पुलिस के मुताबिक, अमर सिंह ने अपने सहयोगी संजीव सक्सेना और अन्य के साथ मिल कर 22 जुलाई 2008 में मनमोहन सिंह सरकार के खिलाफ लाए गए अविश्वास प्रस्ताव के दौरान सरकार के पक्ष में वोट डालने के लिए सांसदों को घूस देने का षडयंत्र रचा और तकरीबन 9 करोड़ रुपये की इस डील को पूरा करने में मुख्य भूमिका निभाई। आडवाणी के निकट सहयोगी सुधींद्र कुलकर्णी को इस षडयंत्र की पूरी जानकारी थी, और उनकी मौजूदगी में तत्कालीन सांसदों को रिश्वत दी गई थी। इस मामले में उन्हें पूर्व भाजपा सांसद फगन सिंह कुलस्ते और महावीर सिंह भगोरा ने सहयोग किया। वे सभी षडयंत्रकारियों संग जुड़े रहे थे। भाजपा के कथित कार्यकर्ता सुहैल हिन्दुस्तानी से सांसदों को पैसे से भरा बैग पहुंचाया। अदालत इस मामले में गुरुवार को संज्ञान में लेगी। हैरान करने वाली बात यह है कि पुलिस को इस मामले में किसी भी कांग्रेसी नेता की भूमिका का कोई साक्ष्य नहीं मिला है। सपा के सांसद रेवती रमण सिंह को भी आरोपपत्र में शामिल करने लायक नहीं माना गया। हालांकि इस कांड में शामिल एक अन्य सांसद अशोक अर्गल को फिलहाल आरोप पत्र से बाहर रखा गया है लेकिन सूत्रों के मुताबिक, इस मामले में जल्द दायर होने वाले पूरक आरोप पत्र में उनका नाम आ सकता है। वे सांसद हैं लिहाजा इसके लिए लोकसभा के अध्यक्ष से इजाजत लेने की प्रक्रिया चल रही है। उन्होंने बताया कि राज्यसभा सांसद अमर सिंह पर आरोप पत्र लाने से पहले दिल्ली पुलिस ने राज्यसभा के सभापति हामिद अंसारी से पहले ही अनुमति ले ली थी।

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