, नई दिल्ली राजघाट के सामने खुद को आग के हवाले करने वाले अन्ना समर्थक दिनेश यादव ने सोमवार को यहां लोक नायक जयप्रकाश नारायण अस्पताल में दम तोड़ दिया। दिनेश पटना के दुल्हिन बाजार का रहने वाला था। माना जा रहा है कि अनशन के दौरान अन्ना हजारे के प्रति उपेक्षापूर्ण रवैये से क्षुब्ध होकर उसने आत्मदाह जैसा कदम उठाया। दिनेश बीते 22 अगस्त को बिहार की राजधानी पटना से दिल्ली के रामलीला मैदान पहुंचा था। 23 अगस्त को मंच पर अन्ना की हालत और जन लोकपाल बिल पर सरकार के रवैये से क्षुब्ध होकर उसने राजघाट पर खुद को आग लगा ली थी। सोमवार को शव परिजनों को सौंप दिया गया। उसका दाह संस्कार पैतृक गांव में किया जाएगा। दिनेश की मौत की सूचना पर सिविल सोसाइटी के सदस्य अरविंद गौड़ समेत कई लोग परिजनों को सांत्वना देने के लिए अस्पताल पहुंचे। सिविल सोसाइटी की तरफ से परिजनों को आर्थिक मदद भी दी गई है। दिनेश (32) मूलरूप से बिहार के पटना जिला स्थित दुल्हिन बाजार का रहने वाला था। बताया जाता है कि 23 अगस्त को रामलीला मैदान में कुछ घंटे बीताने के बाद वह बोतल में पेट्रोल लेकर शाम सवा चार बजे राजघाट जा पहुंचा। वहां गेट के बाहर अपने ऊपर पेट्रोल उड़ेलकर लाग ली। पुलिस ने उसे लोक नायक अस्पताल में भर्ती कराया। 85 फीसदी झुलसा दिनेश रविवार तक जीवन व मौत से जूझता रहा। अत्यंत गंभीर हालत में होने के बावजूद दिनेश अस्पताल में अन्ना हजारे जिंदाबाद व भारत माता की जय के नारे लगाता रहा।

No comments:
Post a Comment