राजधानी दिल्ली में अनशन पर बैठे अन्ना हजारे के कुछ समर्थक आत्मघाती कदम उठाने से परहेज नहीं कर रहे। महाराष्ट्र के सांगली जिले की एक महिला ने तो अपनी जान ही दे दी। 33 वर्षीय सुभांगी ने आत्महत्या से पहले लिखे पत्र में साफ कहा है कि अन्ना हजारे अनशन कर रहे हैं, लेकिन सरकार कुछ नहीं कर रही है। सांगली के मिरज तालुका की निवासी सुभांगी कारंडे ने शुक्रवार की शाम को अपने घर में पंखे से लटककर फांसी लगा ली थी। शुभांगी अपने पीछे पति विनायक कारंडे, एक 13 वर्षीय पुत्री एवं एक 10 वर्षीय पुत्र छोड़ गई है। उसका पति मिरज इंडस्टि्रयल एस्टेट में गढ़ाई का काम करता है। शुभांगी की मौत का पता शुक्रवार को उस समय चला, जब उसके दोनों बच्चे शाम को स्कूल से लौटकर घर पहुंचे। शुभांगी ने आत्महत्या से पहले लिखे अपने पत्र में कहा है कि देश की गरीब जनता के भले के लिए सरकार को अन्ना हजारे की मांगें मान लेनी चाहिए। स्थानीय लोगों का कहना है कि शुभांगी का परिवार भी आर्थिक तंगी से गुजर रहा था। शुभांगी ने अपने पत्र में लिखा है कि मैं देश को भ्रष्टाचार से मुक्ति दिलाने के लिए आत्महत्या कर रही हूं। गरीबों का भूखों मरते मैं नहीं देख सकती। गरीबों को उचित तनख्वाह नहीं मिलती। यहां तक कि निजी कंपनियों में भी वेतन कम हैं और महंगाई बढ़ती जा रही है। शुभांगी ने अपना पत्र समाप्त करते हुए लिखा है कि मैं समाज के लिए ऐसा कर रही हूं और मेरे परिवार को इससे दुखी नहीं होना चाहिए।

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