अन्नाद्रमुक के सत्ता में आने के बाद द्रमुक की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रहीं। भूमि हथियाने के मामले में गुरुवार को पूर्व परिवहन मंत्री और वरिष्ठ द्रमुक नेता केएन नेहरू और दो अन्य लोगों को गिरफ्तार कर लिया गया। नेहरू को द्रमुक प्रमुख एम. करुणानिधि के बेटे और पूर्व उप मुख्यमंत्री एमके स्टालिन का विश्वासपात्र माना जाता है। अन्नाद्रमुक के सत्ता में आने के बाद नेहरू तीसरे द्रमुक नेता हैं, जिन्हें भूमि हथियाने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। उनके अलावा वीरापंडी एस अरुमुगम और एनकेकेपी राजा गिरफ्तार किए जा चुके हैं। पुलिस आयुक्त मासानामुथु ने बताया कि केएन नेहरू के खिलाफ तुराइयुर निवासी के श्रीनिवासन ने जमीन हथिया लेने का आरोप लगाया है। श्रीनिवासन ने आरोप में कहा है कि नेहरू ने उसके तिरुची स्थित चिनामणि की भूमि का 13290 वर्ग फुट द्रमुक कार्यालय बनवाने के लिए जबरन हस्ताक्षर करवा कर हथिया लिया। उन्होंने अपने पद का गलत इस्तेमाल किया। द्रमुक के दो अन्य नेताओं के साथ एक कपड़ा व्यवसायी से भी इस मामले में पूछताछ की गई। शिकायत में कहा गया है कि पीडि़त को जमीन के बदले एक पैसा नहीं दिया गया। मासानामुथु ने कहा कि डिप्टी मेयर अनबाहगन भी इस मामले में कथित रूप से शामिल हैं। वह कुछ दिनों से फरार हैं। पुलिस उनकी तलाश कर रही है। नेहरू और पेरिसामी के अलावा छह लोगों पर इस मामले में केस दर्ज किया गया है। इनमें नेहरू के भाई रामाजायम और पूर्व विधायक रानी भी शामिल हैं। इस मामले में कुल 11 लोगों पर आरोप लगा है।

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