Saturday, August 27, 2011

पीएम के दबाव पर मनीष तिवारी ने मांगी अन्ना से माफी

: अन्ना का अनशन खत्म कराने के लिए गुरुवार को सरकार ही नहीं, कांग्रेस ने भी सारे दांव आजमाए। अन्ना पर बेतुकी टिप्पणी के 11 दिन बाद पार्टी को अपनी गलती का अहसास हुआ। प्रधानमंत्री ने भी अन्ना पर अमर्यादित टिप्पणी को गंभीरता से लिया। उन्होंने अन्ना को भ्रष्टाचारी बताने वाले कांग्रेस प्रवक्ता मनीष तिवारी से भी माफी मंगवा दी। मनीष ने माना, मैं जानता हूं कि मेरी कुछ टिप्पणियों से अन्ना आहत हुए हैं। उसके लिए खेद व्यक्त करता हूं। साथ ही उनसे अनशन खत्म करने की अपील करना चाहता हूं। उन्होंने कहा, राजनीति में कई बार ऐसी बातें हो जाती हैं, जिनसे दूसरे को ठेस पहुंचती है। मनीष तिवारी ने अंग्रेजी में यह बयान दिया। बीबीसी के अनुसार उन्होंने हिंदी में बयान देने से इंकार कर दिया। गौरतलब है कि मनीष ने 14 अगस्त को एक प्रेस कांफ्रेंस में अन्ना पर नीचे से ऊपर तक भ्रष्टाचार में लिप्त होने का आरोप लगाया था। इतना ही नहीं, उन्होंने अन्ना को मर्यादित तरीके से संबोधित करने के बजाय कहा था, तुम किस मुंह से भ्रष्टाचार के खिलाफ अनशन की बात करते हो, तुम खुद सर से पांव तक भ्रष्ट हो। अन्ना का अनशन खत्म कराने में सरकार का पसीना छूटने के साथ ही प्रधानमंत्री का ध्यान हजारे पर तिवारी के अमर्यादित बयान पर गया। लिहाजा उन्हें मनीष से उसके लिए माफी मंगवाने की बात सूझी। पार्टी के वरिष्ठ नेताओं के जरिए उन्होंने इस पर अमल भी करा दिया। उस समय तिवारी के बयान पर अन्ना समर्थकों में जबरदस्त प्रतिक्रिया हुई थी। कुछ कांग्रेसजनों को भी यह नागवार लगा था।


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