नई दिल्ली जन लोकपाल बिल को लेकर यहां के रामलीला मैदान में अनशन पर बैठे अन्ना अपनी गिरफ्तारी के आशंका के चलते रात साढ़े 11 बजे एक बार फिर मंच से दहाड़ उठे। भारत माता की जय और वंदेमातरम् के साथ शुरू किए अपने भाषण में उन्होंने समर्थकों से अपील की, यदि प्रशासन मुझे जबर्दस्ती यहां से उठाकर ले जाता है तो आप लोग यहां से निकलकर अपने-अपने क्षेत्र के सांसदों का घेराव करें और गिरफ्तारियां दें। देश की कोई जेल खाली नहीं रहनी चाहिए, लेकिन साथ ही यह ध्यान रखना होगा कि हम किसी भी स्थिति में अहिंसा के पथ से भटकने न पाएं। अन्ना के हौसले तब इतने बुलंद हैं जब पिछले नौ दिनों में उनका वजन 6.3 किलो कम हो गया है। उनके स्वास्थ्य के बारे में डॉ. त्रेहन ने बुधवार रात बताया, उनकी हालत स्थिर है और कल से बेहतर है। हमने उनकी खून की और अन्य जांचें की हैं। उनका बीपी 104-86 है, जबकि रक्त में शर्करा का स्तर 106 और पल्स रेट 82 है। रक्त में कीटोन पाया गया है और वजन 6.3 किलो कम हो चुका है। हमने उनसे ड्रिप चढ़ाने का आग्रह किया लेकिन उन्होंने मना कर दिया। हमने उन्हें ज्यादा से ज्यादा आराम करने की सलाह दी है। हम उनके स्वास्थ्य पर लगातार नजर रखे हुए हैं। इससे पूर्व अन्ना दिन में भी मंगलवार से ज्यादा सक्रिय दिखे। तीन बार मंच से संबोधन में उन्होंने कहा, देश के गद्दारों से लड़ रहा हूं और इसके लिए मुझे यहां आए लोगों से ऊर्जा मिल रही है। अभी सिर्फ नौ दिन हुए हैं। अभी तो नौ दिन और मुझे कुछ नहीं होगा। यह निशान आप देख रहे हैं, यह पाकिस्तानी गोली का निशान है, मेरे सिर पर। मैंने एक लड़ाई वह लड़ी थी। दूसरी अब हमारे घर में छुपे हुए दुश्मनों और गद्दारों से लड़ रहा हूं। सरकार अब भी हमारी तीन मांगों को मानने के लिए तैयार नहीं है। मैंने फैसला कर लिया है कि जब तक आखिरी सांस रहेगी, संघर्ष करता रहूंगा।

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