Thursday, August 25, 2011

भ्रष्ट अफसर सुनवाई के स्तर पर ही होंगे बर्खास्त

अन्ना की अलख से जन्मे देशव्यापी आंदोलन से निपटने के रास्ते तलाशने में जुटी केंद्र सरकार ने शनिवार को संसद में कहा कि वह ऐसे प्रस्ताव पर विचार कर रही है जिसके तहत भ्रष्टाचार के मामलों में आरोपित अफसरों को सुनवाई के स्तर पर ही बर्खास्त कर दिया जाएगा। कार्मिक,जन शिकायत और पेंशन राज्य मंत्री वी नारायणसामी ने लोकसभा में बुधवार को बताया कि एक विशेषज्ञ समिति की सिफारिशों का अध्ययन किया जा रहा है, जिसने संविधान के अनुच्छेद 311 में संशोधन का सुझाव दिया है। इससे भ्रष्टाचार के आरोपी सरकारी अफसरों के खिलाफ अदालत में सुनवाई शुरू होते ही उन्हें पद से बर्खास्त कर दिया जाएगा। नारायणसामी ने बताया कि सरकारी तंत्र में व्याप्त भ्रष्टाचार को खत्म करने के लिए सरकार ने तीन सदस्यीय विशेषज्ञ समिति का गठन किया था, जिसे अनुशासनात्मक एवं सतर्कता कार्यवाही को तेजी से निपटाने के उपाय सुझाने को कहा गया था। समिति ने कम सजा वाले अनुशासनात्मक जांच संबंधी मामलों में जांच पूरी करने को दो माह की तथा बड़े मामलों में 12 माह की समय सीमा तय करने का सुझाव दिया है। नारायणसामी ने बताया कि बड़ी सजा के रूप में अनिवार्य सेवानिवृति मामलों में समिति ने संबंधित अधिकारियों की पेंशन और ग्रेच्युटी में कटौती की भी सिफारिश की है।

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