Monday, August 1, 2011

छिनेंगे केंद्रीय मंत्रियों के कई विवेकाधिकार

वित्त मंत्री प्रणब मुखर्जी ने शनिवार को कहा कि केंद्रीय मंत्रियों के बहुत सारे विवेकाधिकार समाप्त किए जा रहे हैं। भ्रष्टाचार से निपटने के लिए गठित मंत्रियों के समूह (जीओएम) के अध्यक्ष प्रणब ने कहा कि समूह ने अपनी सिफारिशें सौंप दी है और इन्हें लागू करने के संबंध में विधि मंत्रालय तथा कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग (डीओपीटी) समीक्षा कर रहा है। प्रणब ने एक साक्षात्कार में कहा कि मंत्रियों के जो विवेकाधिकार खत्म किए गए हैं उनमें सामाजिक कल्याण मंत्रालय जैसे कुछ मंत्रालयों के विवेकाधीन कोष भी शामिल है। गैस पंप और गैस कूपन आवंटन जैसे विवेकाधिकार पहले ही समाप्त कर दिए गए हैं। बहरहाल, उन्होंने स्पष्ट किया कि मेडिकल सीटों के संबंध में भूटान और नेपाल जैसे देशों के छात्रों के लिए भारत सरकार का कोटा और बैंकों के गैर अधिकारिक निदेशक की नियुक्ति का विषय मंत्रियों के विवेकाधिकार क्षेत्र में नहीं आता बल्कि कैबिनेट की नियुक्ति समिति के माध्यम से सरकार के सामूहिक निर्णय के तहत आता है। भ्रष्टाचार से निपटने का खाका पेश करते हुए प्रणब ने कहा कि भ्रष्ट लोकसेवकों के खिलाफ अदालती मामलों और विभागीय प्रक्रियाओं को त्वरित निपटान प्रणाली के तहत लाया जाएगा और अभियोजन के लिए मामलों पर निर्णय तीन महीने के भीतर कर लिया जाएगा। भ्रष्ट नौकरशाहों के खिलाफ मामलों को तेजी से आगे बढ़ाने के अलावा मंत्रियों के समूह ने अति शीघ्र 71 विशेष सीबीआइ अदालतों के गठन की सिफारिश की है। इसकी मंजूरी दी जा चुकी है। 10 अदालतें पहले ही शुरू हो चुकी हैं। 2जी कीमत निर्धारण से मेरा कोई लेना-देना नहीं वित्त मंत्री ने इन खबरों का खंडन किया कि उनका 2जी स्पेक्ट्रम की कीमत तय करने से लेना-देना था और इस मुद्दे पर दुष्प्रचार करने वालों की उन्होंने आलोचना की। वर्ष 2007 में जब मुखर्जी विदेश मंत्री थे, उन्हें 3जी स्पेक्ट्रम खाली करने पर मंत्रियों के समूह का चेयरमैन नियुक्त किया गया था, जिसके बारे में उन्होंने कहा कि 2जी और इसके मूल्य निर्धारण से उनका कोई लेना-देना नहीं था। कालेधन पर भी बोले प्रणब वित्त मंत्री ने इस बात का खुलासा किया कि विभिन्न देशों में भारतीय नागरिकों की संपत्तियों और भुगतान का ब्योरा आना शुरू हो गया है और इसकी जांच की जा रही है। भारतीय नागरिकों की ओर से स्विट्जरलैंड के बैंकों में जमा कालेधन के बारे में सूचना इस वर्ष के अंत तक आने की उम्मीद है। प्रणब ने यह संकेत स्विट्जरलैंड के साथ दोहरा कराधान


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