नई दिल्ली 2जी स्पेक्ट्रम, राष्ट्रमंडल, एअर इंडिया समेत अन्य रिपोर्टो में लगातार घिर रही कांग्रेस कैग (नियंत्रक व महालेखा परीक्षक) से खासा नाराज है। राष्ट्रमंडल पर खेल मंत्री अजय माकन के बयान पर मंगलवार को हो रही चर्चा के दौरान कांग्रेस की नाराजगी कुछ इस कदर थी कि सदस्यों ने कैग की मंशा पर ही सवाल खड़ा कर दिया। वहीं कैग को अपने अधिकारों तक सीमित रहने का भी परोक्ष संकेत दिया। कैग रिपोर्टो ने कांग्रेस की परेशानी बढ़ा दी है। 2जी स्पेक्ट्रम मामले में जहां नीतियों पर उंगली उठाई गई थी वहीं राष्ट्रमंडल खेल में सुरेश कलमाड़ी की नियुक्ति में प्रधानमंत्री की भूमिका पर सवाल उठाया गया था। संसद में मौका मिला तो कांग्रेस सदस्य कैग पर भी बरसे। लोकसभा में मनीष तिवारी तो राज्यसभा में राशिद अल्वी ने संविधान की धारा का उल्लेख करते हुए कैग को याद दिलाया कि उनका कर्तव्य लेखा जोखा तक सीमित किया गया है। उसे नियुक्तियों पर सवाल उठाने का अधिकार नहीं है। तिवारी ने थोड़ा आगे बढ़ते हुए चेताया कि संविधान में दिए गए अधिकारों से छेड़छाड़ की गई तो उसके दुष्परिणाम देश को भुगतने होंगे। कैग की मंशा पर सवाल उठाते हुए उन्होंने कहा कि इसकी रिपोर्ट को ब्रह्म वाक्य नहीं समझा जाना चाहिए।

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