नई दिल्ली अंग्रेजों ने परतंत्र भारत में आज के ही दिन 1942 में भारत छोड़ो आंदोलन करने वालों के खिलाफ पुलिसिया दमन किया था, तो आज स्वतंत्र भारत में भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज उठाने वाले भारतीय जनता पार्टी युवा मोर्चा के कार्यकत्र्ताओं पर पुलिस ने जमकर लाठियां बरसाईं। पानी की बौछार और आंसू गैस के गोले छोड़े। 45 मिनट तक पुलिसिया तांडव चलता रहा। इस दौरान जो भी सामने आया, पुलिस ने उसे दौड़ा दौड़ाकर पीटा। भाजपा नेता विजय कुमार मल्होत्रा का कहना है कि इसमें सैकड़ों कार्यकर्ताओं को चोटें आई हैं। जिसमें 90 लोग गंभीर रूप से घायल हो गए हैं जो विभिन्न अस्पतालों में भर्ती है। उधर, पुलिस का कहना है कि उन्होंने प्रदर्शनकारियों पर लाठीचार्ज नहीं किया बल्कि उन्होंने माहौल खराब करने की कोशिश की तो पुलिस ने उन्हें रोका और उन पर कई धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज किया। माहौल उस समय खराब हुआ जब संसद की ओर कूच कर रहे भाजपा युवा मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अनुराग ठाकुर को संसद मार्ग थाने के सामने लगे बैरियर को तोड़ने पर पुलिस ने दबोच लिया और उन्हें थाने के अंदर खींचकर ले गई। इस पर प्रदर्शन में शामिल भाजपा कार्यकर्ता उग्र हो गए और बैरीकेटिंग को तोड़कर थाने के अंदर जबरन घुसने लगे। भीड़ को रोकने के लिए पुलिस ने पहले पानी की बौछारें छोड़ी उसके बाद आंसू गैस के गोले दागे। भीड़ फिर भी बेकाबू रही तो पुलिस ने लाठीचार्ज शुरू कर किया। इस दौरान भाजयुमो कार्यकर्ता भी लगातार भिड़ते रहे। पुलिस लाठीचार्ज करते हुए भीड़ को काफी दूर पीछे तक खदेड़कर ले गई, लेकिन पुलिस भीड़ को पीछे खदेड़ती और वे लोग फिर आगे आ जाते। यह क्रम करीब एक घंटे तक चलता रहा। गुस्साए जवानों के सामने जो भी आया उसे उन्होंने जमकर पीटा। दर्जनों लोग चुटहिल हो गए। भाजपा का आरोप है कि सड़कों पर जख्मी लोगों को भी पुलिस ने नहींबख्शा। इस दौरान जंतर मंतर के अलावा कनाट प्लेस, रफी मार्ग व आसपास के दूसरे इलाकों को भी पुलिस छावनी में तब्दील कर दिया गया था। इस पूरे इलाके में घंटों यातायात जाम रहा।

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